Tuesday, 13 December 2011

दुसरे गाँधी को भी मारने की साजिश


देश के दुश्मनो ने देश को सही राह दिखने वाले दुसरे गाँधी को भी मारने की साजिश रच ली है किया सही में ये देश के दुश्मन अपने मकसद में कामयाब हो जायेगे सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट दिल्ली पुलिस के मुख्यालय में डीसीपी आज वह ख़त पड़ने के बाद अपने अफसरों से बात करते नज़र ए की यह ख़त  कहा से आया किस ने भेजा और कोन है इस साजिश का मास्टर माईंड / 
नौ दिसंबर को सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट दिल्ली पुलिस के मुख्यालय में डीसीपी को साजिश का ये खत उनके टेबुल पर मिला. किसी गुमनाम शख्स ने बंद लिफाफे में ऐसा मज़मून भेजा था कि जिसे पढ़ते ही डीसीपी साहब ने आला अफसरों को जानकारी दी. क्योंकि मामला अन्ना की सुरक्षा का था. वो अन्ना जिसने सरकार को घुटनों पर ला दिया है.
आजतक के पास हैं वो दस्तावेज जिनमें दर्ज है अन्ना के खिलाफ रची गयी एक बेहद खतरनाक साजिश. देश की खुफिया एजेंसियों और दिल्ली पुलिस के पास से मिले इन दस्तावेजों में दर्ज है अन्ना के खिलाफ खौफनाक जानलेवा साजिश की कहानी.
अन्ना हजारे पर मंडरा रहा है. बेहद खतरनाक खतरा. खतरा उनकी जान का है. खतरा अन्ना पर हमले का. खतरा अन्ना की कोशिशों को रोक देने का. खतरा अन्ना की सभा में साजिश का. आजतक के पास ऐसे दस्तावेज हैं जो कर रहे हैं खुलासा. दिल्ली पुलिस के रोजनामचे में दर्ज है ये साजिश.
कई कई साजिशों के निशाने पर हैं अन्ना हजारे लेकिन ये साजिशें सियासी नहीं जानलेवा हैं.
साजिश को अंजाम तक पहुंचाने के लिए रामलीला-2 को चुना गया है. यानि अगर शीतसत्र में मजबूत लोकपाल नहीं आया और अन्ना फिर से दिसंबर 27 से धरने पर दिल्ली के रामलीला मैदान में बैठते हैं तो उनकी जान को खतरा है.
अन्ना के लिए जिंदगी से बड़ा है मकसद और उनकी ताकत है जनता. अन्ना के दुश्मन उनकी इसी ताकत का इस्तेमाल उनके खिलाफ करना चाहते हैं.
अन्ना पर मंडरा रहा ताज़ा खतरा बेहद बड़ा है. जिस भीड़ से अन्ना को मिलती है ताकत उसी भीड़ के बीच में छिपा है अन्ना के खिलाफ जानलेवा खतरा.
जिन अनशनों से अन्ना सरकार को हिला देते हैं उन्हीं अनशन में अफरा-तफरी फैला कर साजिश को अंजाम देने की फिराक में हैं अन्ना के दुश्मन.
आज की तारीख में सरकार के अन्ना दुश्मन तो है ही  जिस सरकार को एक हाशिये पर लाकर खड़ा कर दिया है पर सब से जायदा लोग दुसमन वह बनगए है जो आना को मर कर इस देश में अराजकता या समाज में को लडवाना चाहते है लेकिन हम एसा नहीं होने देगे

Thursday, 8 December 2011

आलोचनाओं का दंश झेल रहे सहवाग ने तोड़ा रिकॉर्ड


पिछले दस मैचों से नाकाम रहने के कारण आलोचनाओं का दंश झेल रहे सहवाग ने बृहस्पतिवार को होल्कर स्टेडियम में सहवाग ने 44वें ओवर में दो सौ का आंकड़ा छू लिया। हालांकि इस दौरान 37.5 ओवर में रामपॉल की गेंद पर उन्हें जीवनदान भी मिला। तब उनका कैच विंडीज कप्तान डरेन सैमी ने टपकाया था। 47वें ओवर में आउट होने से पहले उन्होंने 149 गेंदों में 219 रन कूट डाले। उनकी इस नायाब पारी की बदौलत ने भारत ने चौथे वन-डे में विंडीज के सामने पांच विकेट पर 418 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। 
वन-डे में दोहरा शतक ठोकने में किसी बल्लेबाज को तकरीबन 40 साल लग गए लेकिन इस रिकॉर्ड को तोड़ने में सिर्फ दो साल से भी कम समय लगे। यह कारनामा किया वीरेंद्र सहवाग ने, जिन्होंने वन-डे में सचिन के रिकॉर्ड को तोड़ सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। ग्वालियर में जिस तरह तेंदुलकर दो सौ की रेस में दक्षिण अफ्रीकी गेंदबाजों की धुनाई करते नजर आए थे उसी तरह सहवाग इंदौर में कैरिबियाई गेंदबाजों की बखिया उधेड़ते दिखाई दिए।
वन-डे के टॉप स्कोरर
219 सहवाग (भारत)
200* तेंदुलकर (भारत)
194* कोवेंट्री (जिम्बाव्वे)
194 अनवर (भारत)
189* रिचर्डसन (वेस्ट इंडीज)
189 जयसूर्या (श्रीलंका)
188* कर्स्टन (द. अफ्रीका)
186* सचिन (भारत)
185* वाटसन (आस्ट्रेलिया)
183* धोनी (भारत)

Wednesday, 7 December 2011

राजधानी लखनऊ में कालेज बस नहर में जा गिरी


उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के चिनहट क्षेत्र में एक कालेज की बस के नहर में जा गिरने से तीन लोगों की डूबकर मौत हो गयी.
पुलिस अधीक्षक (गोमतीपार) दीपिका गर्ग ने बताया कि बाबू बनारसी दास कालेज की एक बस बाराबंकी स्थित गहोलिया गांव में लगे शिविर से वापस लौटते वक्त अनियंत्रित होकर शारदा नहर में जा गिरी.
उन्होंने बताया कि इस हादसे में कालेज के एक प्राध्यापक डाक्टर अनिल, एक प्रशिक्षु आमिर जीलानी तथा बस के क्लीनर की मौत हो गयी, जबकि बस चालक लापता है.
दीपिका ने बताया कि हादसे के वक्त बस पर चार लोग सवार थे.
दुर्घटनाग्रस्त बस को क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया. घटना सम्भवत: अत्यधिक कोहरे के चलते दृश्यता कम होने के कारण हुई.

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